'एक बार की बात है। तीन भाई शाम के समय वीरान, घुमावदार सड़क पर यात्रा कर रहे थे -
'तीनों भाई एक नदी के किनारे पर पहुँचे। नदी इतनी गहरी थी कि वे इसे चलकर पार नहीं कर सकते थे और तैरकर पार करना भी बहुत ही ख़तरनाक था। बहरहाल, ये तीनों भाई जादू में माहिर थे। उन्होंने अपनी छड़ियाँ लहराकर ख़तरनाक दिख रही नदी पर पुल बना लिया। वे उस पर आधी दूर ही पहुँचे थे कि एक नकाबपोश आकृति ने उनका रास्ता रोक लिया।
वो मौत थी।
और मौत उनसे बातचीत करने लगी। वह नाराज़ थी कि उसके तीन नए शिकार उसके चंगुल से बचकर जा रहे हैं, क्योंकि आम तौर पर यात्री उस नदी को पार करते समय डूब जाते थे। लेकिन मौत बड़ी चालाक थी। उसने तीनों भाइयों की जादुई निपुणता पर उन्हें बधाई दी। वह बोली कि चूंकि उन्होंने अपनी चतुराई से उसे हरा दिया है, इसलिए वह उन्हें एक-एक पुरस्कार देना चाहती है।
'सबसे बड़ा भाई लड़ाकू प्रवृत्ति का था। उसने मौत से दुनिया की सबसे ताक़तवर छड़ी माँगी : ऐसी छड़ी जो इसके मालिक को द्वंद्वयुद्ध में हमेशा जिताए, जो मौत को हराने वाले जादूगर के करावल हो! यह सुनकर मौत नदी किनारे लगे एल्डर वृक्ष तक गई और उसने उसकी एक शाखा तोड़कर अजेय छड़ी बना था सबसे बड़े भाई को दे दी।
'दूसरा भाई घमंडी था। उसने मौत को थोड़ा ज़्यादा अपमानित करने का फैसला किया। उसने कहा कि उसे मुर्दा लोगों को इस दुनिया में वापस बुलाने की शक्ति चाहिए। मौत ने नदी किनारे से एक पत्थर उठाकर दूसरे भाई को दे दिया और कहा कि इस पत्थर में मरे हुए लोगों को वापस बुलाने की शक्ति है।
'इसके बाद मौत ने तीसरे और सबसे छोटे भाई से पूछा कि उसे क्या चाहिए। यह भाई तीनों में सबसे विनम्र और समझदार था। उसे मौत पर जरा भी भरोसा नहीं था। उसने कहा कि उसे ऐसी चीज़ चाहिए, जिसकी वदौलत वह वहाँ से इस तरह जा सके, ताकि मौत उसका पीछा न कर पाए। वड़ी अनिच्छा से मौत ने उसे अपना अदृश्य चोगा दे दिया।
'फिर मौत एक तरफ़ हट गई और तीनों भाइयों को अपने रास्ते आगे जाने दिया। चलते-चलते वे तीनों भाई इस रोमांचक अद्भुत घटना के बारे में बातें करते जा रहे थे और मौत के तोहफ़ों का गुणगान कर रहे थे। समय के साथ तीनों भाई अलग हो गए और अपनी-अपनी दिशा में चल दिए।
'सबसे बड़ा भाई हफ्ते भर की यात्रा के बाद एक गाँव में पहुंचा। वहाँ उसने उस जादूगर को ढूँढा, जिससे उसकी पुरानी दुश्मनी थी। जाहि है, जब हथियार के रूप में अजेय छड़ी उसके पास थी, तो दुश्मन जादूगर से हुए द्वंद्वयुद्ध में वह कैसे नहीं जीतता? अपने दुश्मन को ज़मीन पर मरा हुआ छोड़कर सबसे बड़ा भाई एक शराबख़ाने में जाकर शराब पीने लगा, जहाँ उसने चिल्ला-चिल्लाकर अपनी शक्तिशाली छड़ी की डींग हाँकी। वह ज़ोर-ज़ोर से सबको बता रहा था कि यह छड़ी मौत का दिया तोहफ़ा है और इससे वह अजेय बन गया है।
उसी रात को सबसे बड़े भाई के कमरे में एक जादूगर चुपके से घुस आया। बड़ा भाई शराब के नशे में धुत्त होकर बिस्तर पर सोया था। चोर ने उसकी छड़ी चुरा ली और एहतियात के तौर पर उसका गला भी काट दिया। 'इस तरह मौत ने पहले भाई को हरा दिया।
'इसी दौरान दूसरा भाई यात्रा करके अपने घर पहुँच गया, जहाँ वह अकेला रहता था। यहाँ उसने उस पत्थर को बाहर निकाला, जिसमें मरे लोगों को वापस बुलाने की शक्ति थी। उसने उस पत्थर को तीन बार अपने हाथ में घुमाया। उसे हैरानी और खुशी हुई कि उसकी मरी हुई प्रेमिका, जिससे वह शादी करना चाहता था, तत्काल उसके सामने प्रकट
हो गई। 'बहरहाल, प्रेमिका दुखी और भावहीन थी। ऐसा लग रहा था, जी उनके बीच कोई पर्दा हो और उसके कारण वे दूर हों। हालाँकि वह इस दुनिया में लौट ज़रूर आई थी, लेकिन दरअसल वह यहाँ की नहीं थी, इसलिए उसे बहुत कष्ट हो रहा था। अंत में, अपनी हताशा भरी हसरत स दूसरा भाई पागल हो गया और उसने अपनी प्रेमिका के पास सचमुच पहुँचने के लिए आत्महत्या कर ली। से
'इस तरह मौत ने दूसरे भाई को भी हरा दिया। 'फिर मौत तीसरे भाई की कई सालों तक तलाश करती रही, लेकिन वह उसे कहीं नहीं मिला। जब सबसे छोटा भाई बहुत बूढ़ा हो गया
तब जाकर उसने अपना अदृश्य चोगा उतारा और अपने बेटे को दे दिया। सने मौत का स्वागत किसी पुराने दोस्त की तरह किया और उसके साथ खुशी-खुशी, बराबर वालों की तरह इस दुनिया को छोड़कर गया।
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